डेली करेंट अफेयर्स
29 अक्टूबर 2026
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹7,395 करोड़ की PM-VGSY व ₹10,000 करोड़ की कंटेनर योजना स्वीकृत, IIT जोधपुर में ICWS 2026 जल सम्मेलन, CAG द्वारा राजस्थान सरकार के लेखे प्रेषित, खेल सामग्री योजना, तथा 13वीं ADMM-Plus बैठक।
दैनिक समसामयिकी अंक
29 अक्टूबर 2026
6 मुख्य परीक्षा विश्लेषण बिन्दु
राज्य स्तरीय (राजस्थान)
- 01 [राजस्थान] · RAS · UPSC · Police SISource: IIT जोधपुर / PIB जयपुर (28 अक्टूबर 2026)
IIT जोधपुर में अंतरराष्ट्रीय जल स्थिरता सम्मेलन (ICWS 2026): बावड़ी, टांका व जोहड़ के पारंपरिक ज्ञान का आधुनिक तकनीक से समन्वय
IIT Jodhpur hosts International Conference on Water Sustainability (ICWS 2026): Merging traditional wisdom of Baoris and Tankas with modern sensors
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर द्वारा 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक 'जल स्थिरता: नवाचार, नीति और सामुदायिक लचीलापन' (ICWS 2026) पर त्रि-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
- सम्मेलन में पश्चिमी राजस्थान के पारंपरिक जल संचयन तंत्र (टांका, बावड़ी, जोहड़, खड़ीन व नाड़ी) के हाइड्रो-इंजीनियरिंग महत्व को AI, IoT रिमोट सेंसिंग और डिसैलिनेशन तकनीकों के साथ एकीकृत करने पर रोडमैप तैयार किया गया।
- शुष्क एवं अर्ध-शुष्क अंचल में भूजल पुनर्भरण, जल अपव्यय की रोकथाम और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'सस्टेनेबल वाटर विजन 2047' के अंतर्गत सामुदायिक भागीदारी मॉडल पर बल दिया गया।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राजस्थान का जल संकट, पारंपरिक जल संचयन पद्धतियां, मरुस्थलीकरण नियंत्रण, जल नीति तथा वैज्ञानिक तकनीकें RAS मुख्य परीक्षा (GS-1 भूगोल, GS-3 विज्ञान व पर्यावरण) और UPSC प्रारंभिक/मुख्य परीक्षा का सर्वप्रमुख खंड हैं।स्रोत पुष्टि: IIT जोधपुर / PIB जयपुर (28 अक्टूबर 2026) Share - 02 [राजस्थान] · RAS · UPSCSource: नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) / PIB जयपुर (28 अक्टूबर 2026)
नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG): राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक वित्त एवं विनियोग लेखे प्रेषित
Comptroller and Auditor General transmits Finance and Appropriation Accounts of Rajasthan Government for FY 2025-26
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 149 तथा CAG (कर्तव्य, शक्तियां व सेवा शर्तें) अधिनियम 1971 के तहत राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक वित्त लेखे और विनियोग लेखे राज्य सरकार को सौंपे गए।
- यह आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज राजस्थान विधानमंडल के आगामी सत्र में पटल पर रखे जाएंगे, जिसमें राज्य के कुल राजस्व प्राप्तियों, राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit), पूंजीगत परिसंपत्तियों और बजट आवंटन के सापेक्ष वास्तविक व्यय का वैधानिक ऑडिट प्रस्तुत किया गया है।
- विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) द्वारा इन लेखों की बिंदुवार जांच की जाएगी, जिससे राज्य के वित्तीय प्रशासन में विधायी नियंत्रण और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: संविधान के अनुच्छेद 148-151 (CAG के कर्तव्य एवं प्रतिवेदन), राज्य वित्त प्रबंधन, लोक लेखा समिति (PAC) की भूमिका, विनियोग विधेयक और FRBM अधिनियम RAS मुख्य परीक्षा (GS-3 अर्थव्यवस्था व GS-2 राजव्यवस्था) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रीय परिदृश्य
- 01 [सरकारी योजनाएँ] · RAS · UPSCSource: केंद्रीय मंत्रिमंडल / PIB नई दिल्ली (28 अक्टूबर 2026)
प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY): केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹7,395.55 करोड़ के व्यय के साथ 2026-27 से 2030-31 हेतु स्वीकृति
Union Cabinet approves Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana (PM-VGSY) with ₹7,395.55 Cr outlay for FY 2026-27 to 2030-31
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने हेतु 16वें वित्त आयोग की अवधि के समवर्ती ₹7,395.55 करोड़ की 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' (PM-VGSY) को मंजूरी दी।
- इसमें केंद्र की हिस्सेदारी ₹4,869.48 करोड़ (66%) तथा राज्यों की हिस्सेदारी ₹2,526.07 करोड़ (34%) होगी, जिससे देश की 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को आधुनिक गवर्नेंस हब में रूपांतरित किया जाएगा।
- राजस्थान की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में डिजिटल पंचायत सचिवालय, कम्प्यूटरीकरण, ई-गवर्नेंस, पंचायत स्तरीय परिसंपत्ति जियो-टैगिंग और ग्राम सभाओं के प्रत्यक्ष सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: 73वां संविधान संशोधन, पंचायती राज का त्रि-स्तरीय ढांचा, 16वां वित्त आयोग, ग्रामीण स्थानीय स्वशासन और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल UPSC (GS-2) तथा RAS मुख्य परीक्षा (लोक प्रशासन व राजनीति विज्ञान) के अनिवार्य खंड हैं।स्रोत पुष्टि: केंद्रीय मंत्रिमंडल / PIB नई दिल्ली (28 अक्टूबर 2026) Share
अंतरराष्ट्रीय
- 01 [अर्थव्यवस्था] · RAS · UPSC · SSCSource: पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय / PIB (28 अक्टूबर 2026)
कंटेनर निर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS): ₹10,000 करोड़ के परिव्यय से भारत में वैश्विक शिपिंग कंटेनर विनिर्माण हब की स्थापना
Cabinet approves ₹10,000 Cr Container Manufacturing Promotion Scheme (CMPS) to scale domestic cargo container production
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2027-28 से 2039-40 तक घरेलू कंटेनर उत्पादन क्षमता को 10 गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEUs (Twenty-foot Equivalent Units) करने हेतु ₹10,000 करोड़ की योजना को स्वीकृति दी।
- योजना का उद्देश्य वैश्विक समुद्री व्यापार और माल ढुलाई में विदेशी आयात निर्भरता को समाप्त करना, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 8-9% तक लाना और भारतीय निर्यातकों को समय पर किफायती कंटेनर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (WDFC) और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) से जुड़े राजस्थान के अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICDs - कनकपुरा, भगत की कोठी, अलवर/काठूवास) को निर्यात संवर्धन में सीधा रणनीतिक लाभ मिलेगा।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, विनिर्माण नीतियां, व्यापार संतुलन और राजस्थान के शुष्क बंदरगाह (Dry Ports) RAS (GS-3 अर्थव्यवस्था) व UPSC के महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम घटक हैं। - 02 [सरकारी योजनाएँ] · RAS · UPSC · SSCSource: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय / PIB (28 अक्टूबर 2026)
खेलो इंडिया खेल सामग्री विनिर्माण योजना: ₹1,856.67 करोड़ के परिव्यय से वैश्विक एथलेटिक उपकरण क्लस्टर निर्माण
Union Cabinet approves ₹1,856.67 Cr Khelo India Sports Goods Manufacturing Scheme (FY 2026-27 to FY 2033-34)
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 की अवधि के लिए ₹1,856.67 करोड़ की नई केंद्रीय योजना को मंजूरी दी।
- योजना के तहत खेल सामग्री विनिर्माण क्लस्टरों को उन्नत पूंजीगत सब्सिडी, परीक्षण व प्रमाणन प्रयोगशालाएं और अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहायता प्रदान की जाएगी।
- इससे पारंपरिक खेल उपकरण उद्योग के साथ-साथ राजस्थान के उभरते स्पोर्ट्स क्लस्टर्स को वैश्विक खेल निर्यात प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: खेलो इंडिया मिशन, खेल अर्थव्यवस्था (Sports Economy), MSME क्लस्टर विकास और आत्मनिर्भर भारत पहल UPSC और RAS मुख्य परीक्षा में अर्थव्यवस्था एवं औद्योगिक विकास खंड हेतु प्रासंगिक हैं।स्रोत पुष्टि: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय / PIB (28 अक्टूबर 2026) Share - 03 [अंतरराष्ट्रीय] · UPSC · RASSource: रक्षा मंत्रालय / PIB सेबू-नई दिल्ली (28-29 अक्टूबर 2026)
13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus): सेबू (फिलीपींस) में भारत द्वारा मुक्त एवं नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक पर बल
13th ADMM-Plus meeting in Cebu, Philippines: India champions open, inclusive, and rules-based Indo-Pacific order
- फिलीपींस के सेबू में 28-29 अक्टूबर 2026 को आयोजित 13वीं 'आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस' (ADMM-Plus) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
- भारत ने समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता (UNCLOS 1982 के अनुपालन) और आसियान केंद्रीयता (ASEAN Centrality) के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता दोहराई।
- सम्मेलन के इतर भारत और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में संयुक्त सैन्य प्रौद्योगिकी सह-विकास, साइबर रक्षा और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन पर महत्वपूर्ण सहमति बनी।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना, आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी और ADMM-Plus मंच UPSC (GS-2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध) और RAS मुख्य परीक्षा का मूल विषय हैं।
29 अक्टूबर 2026: समसामयिक परिदृश्य एवं मुख्य परीक्षा विशेष विश्लेषण
1. प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) और विकेंद्रीकृत ग्रामीण लोकतंत्र
भारतीय संविधान की 11वीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) का वित्तीय और तकनीकी सशक्तीकरण अपरिहार्य है।
- 16वें वित्त आयोग से समन्वय: यह योजना 2026-27 से 2030-31 की 5-वर्षीय अवधि हेतु बनाई गई है। ₹7,395.55 करोड़ के कुल परिव्यय में केंद्र-राज्य 66:34 वित्तीय साझेदारी से राज्यों पर अत्यधिक राजकोषीय भार डाले बिना ग्राम स्तर पर बुनियादी ढांचे का कायाकल्प संभव होगा।
- राजस्थान के संदर्भ में प्रासंगिकता: राजस्थान पंचायती राज का उद्गम स्थल है (2 अक्टूबर 1959, नागौर)। राज्य की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में ‘स्मार्ट पंचायत भवन’, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और डिजिटल रिकॉर्ड रूम्स बनने से मनरेगा, जल जीवन मिशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन व पट्टा वितरण जैसी नागरिक सेवाएं पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनेंगी।
2. मरुस्थलीय जल प्रबंधन: पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संश्लेषण (ICWS 2026)
राजस्थान देश का सबसे शुष्क राज्य है, जहां वार्षिक औसत वर्षा 57 सेमी से भी कम है। सदियों से थार मरुस्थल के निवासियों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए अद्वितीय जल संचयन प्रणालियों का विकास किया।
- पारंपरिक संरचनाओं की प्रासंगिकता:
- टांका (Tanka): घरों और ढाणियों के आंगनों में पक्का भूमिगत जलकुंड, जो वाष्पीकरण से मुक्त रहता है और वर्षभर पेयजल की आपूर्ति करता है।
- खड़ीन (Khadin): जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा 15वीं सदी में विकसित कृषि जल संचयन प्रणाली, जो ढलान के निचले भाग में मिट्टी का बांध बनाकर वर्षा जल को रोकती है और रबी फसलों (गेहूं, चना) के लिए नमी सुरक्षित करती है।
- जोहड़ (Johad) व नाड़ी (Nadi): अलवर और शेखावाटी अंचल में वर्षा जल को रोककर स्थानीय भूजल स्तर को रीचार्ज करने वाले मिट्टी के पारंपरिक चेक-डैम।
- आधुनिक तकनीक का समावेश: IIT जोधपुर द्वारा आयोजित ICWS 2026 सम्मेलन का मुख्य निष्कर्ष यह है कि केवल आधुनिक कंक्रीट बांधों या विशाल नहरों से राजस्थान की जल सुरक्षा संभव नहीं है; पारंपरिक आगोर (Catchment) के पुनरुद्धार के साथ सेंसर-आधारित जल गुणवत्ता निगरानी और भूजल रिचार्जिंग को अपनाना होगा।