डेली करेंट अफेयर्स
8 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 से 20,000 गांवों में जल संचयन, उच्च शिक्षा हेतु ₹3,600 करोड़ की 'पीएम-विद्यालक्ष्मी' योजना स्वीकृत, पुष्कर अंतरराष्ट्रीय पशु मेला 2026, लेह में इसरो का पहला एनालॉग स्पेस मिशन, विश्व नगर नियोजन दिवस, तथा RPSC 1st ग्रेड स्कूल व्याख्याता भर्ती।
दैनिक समसामयिकी अंक
8 नवंबर 2026
6 मुख्य परीक्षा विश्लेषण बिन्दु
राज्य स्तरीय (राजस्थान)
- 01 [सरकारी योजनाएँ] · RAS · Police SI · RPSC शिक्षकSource: जल संसाधन एवं ग्रामीण विकास विभाग / DIPR राजस्थान
राजस्थान जल सुरक्षा: 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0' (MJSA 2.0) का राज्यव्यापी विस्तार; 20,000 गांवों में 5 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का लक्ष्य
Rajasthan Water Security: Statewide expansion of 'Mukhyamantri Jal Swavalamban Abhiyan 2.0'; target of 5 lakh water harvesting structures in 20,000 villages
- राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण अंचलों को जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0' (MJSA 2.0) के क्रियान्वयन को गति प्रदान की गई है।
- इस बहुवर्षीय महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत आगामी 4 वर्षों में राज्य के 20,000 गांवों में चेकडैम, एनीकट, खेत तलाई, जोहड़-बावड़ी जीर्णोद्धार एवं मिनी परकोलेशन टैंक (MPT) सहित लगभग 5 लाख जल संरक्षण कार्य किए जाएंगे।
- कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता और समयबद्ध गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुदूर संवेदन (GIS मैपिंग) और ड्रोन सर्वेक्षण तकनीकों का अनिवार्य उपयोग किया जा रहा है।
- अलवर, भरतपुर सहित पूर्वी राजस्थान एवं शेखावाटी के डार्क जोन वाले अत्यधिक दोहित भूजल ब्लॉकों में वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट निर्माण पर विशेष प्राथमिकता दी गई है।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राजस्थान का जल संकट, परंपरागत जल संरक्षण विधियां (टोबा, कुंई, झालरा, जोहड़), भूजल दोहन दर, एकीकृत जलसंभर प्रबंधन (IWMP) RPSC RAS (GS-1 भूगोल व अर्थव्यवस्था) और मुख्य परीक्षा का प्रमुख विषय है।स्रोत पुष्टि: जल संसाधन एवं ग्रामीण विकास विभाग / DIPR राजस्थान Share - 02 [राजस्थान] · RAS · Police SI · RPSC शिक्षकSource: पर्यटन एवं पशुपालन विभाग, राजस्थान / DIPR
विश्वविख्यात पुष्कर अंतरराष्ट्रीय पशु मेला 2026 का आगाज: कार्तिक पूर्णिमा के महास्नान व सांस्कृतिक समागम हेतु देश-विदेश के श्रद्धालु अजमेर पहुंचे
World-Famous Pushkar International Cattle Fair 2026 begins: Global cultural confluence & sacred Kartik Purnima festivities in Ajmer
- अजमेर के पवित्र तीर्थ पुष्कर में वार्षिक पुष्कर अंतरराष्ट्रीय पशु मेला 2026 पारंपरिक उल्लास और वैदिक विधि-विधान के साथ शुरू हुआ।
- पशुपालन विभाग द्वारा मारवाड़ी, गिर व थारपारकर नस्ल की गायों, नागौरी बैलों तथा ऊंटों के संवर्धन हेतु नस्ल सुधार प्रतियोगिताएं, पशु स्वास्थ्य शिविर और दुग्ध दोहन प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
- पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर महाआरती और कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र स्नान हेतु सुरक्षा, दीपदान और RTDC द्वारा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं।
- मेले में राजस्थान की लोक कला, मांड गायन, कालबेलिया नृत्य, मटका दौड़ और साफा बांधने जैसी सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं ग्रामीण पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे रही हैं।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राजस्थान के प्रमुख मेले व त्योहार, पशु संपदा (नस्लें व संरक्षण), पुष्कर स्थापत्य कला (जगतपिता ब्रह्मा मंदिर), पर्यटन नीति 2020 व ग्रामीण पर्यटन RPSC RAS (GS-1 इतिहास, कला व संस्कृति) का अनिवार्य हिस्सा हैं।स्रोत पुष्टि: पर्यटन एवं पशुपालन विभाग, राजस्थान / DIPR Share - 03 [अन्य] · RPSC शिक्षक · RASSource: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अजमेर
RPSC स्कूल व्याख्याता (1st Grade) भर्ती 2026: 24 विषयों में 2,202 पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन जारी; 4 दिसंबर तक खुला रहेगा SSO पोर्टल
RPSC School Lecturer (Grade-1) Recruitment: Online applications active for 2,202 posts across 24 subjects; window closes December 4
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्राध्यापक (स्कूल व्याख्याता - 1st Grade) के 2,202 पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
- सर्वाधिक पद हिंदी (350), अंग्रेज़ी (325), राजनीति विज्ञान (225) तथा भूगोल (210) विषयों में विज्ञापित हैं।
- चयन दो प्रश्न-पत्रों (कुल 450 अंक) की वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा के आधार पर होगा; पेपर-1 (सामान्य ज्ञान व शैक्षिक प्रबंधन - 150 अंक) तथा पेपर-2 (संबंधित विषय - 300 अंक) दोनों में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- अभ्यर्थी राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से One Time Registration (OTR) प्रणाली द्वारा 4 दिसंबर 2026 रात्रि 12:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राजस्थान में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया, शैक्षिक परिदृश्य, आरटीई अधिनियम 2009, राजस्थान शैक्षिक प्रबंधन प्रणाली RAS एवं शिक्षक प्रतियोगी परीक्षाओं का मुख्य पाठ्यक्रम घटक है।स्रोत पुष्टि: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अजमेर Share
राष्ट्रीय परिदृश्य
- 01 [सरकारी योजनाएँ] · UPSC · RAS · SSCSource: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार / PIB नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा उच्च शिक्षा हेतु ₹3,600 करोड़ की 'पीएम-विद्यालक्ष्मी' (PM-Vidyalaxmi) योजना को ऐतिहासिक स्वीकृति
Union Cabinet approves ₹3,600 Cr 'PM-Vidyalaxmi' Scheme: Collateral-free education loans & 75% credit guarantee for top 860 HEIs
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करने हेतु केंद्रीय क्षेत्रक योजना 'पीएम-विद्यालक्ष्मी' को मंजूरी दी।
- यह योजना देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs - NIRF टॉप 100 एवं प्रमुख केंद्रीय/राज्य संस्थानों) में प्रवेश लेने वाले प्रतिवर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित करेगी।
- इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को बिना किसी बंधक (Collateral) या गारंटर के पूर्ण शिक्षण शुल्क हेतु शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें ₹7.5 लाख तक के ऋण पर भारत सरकार द्वारा NCGTC के माध्यम से 75% क्रेडिट गारंटी दी जाएगी।
- ₹8 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को ₹10 लाख तक के ऋण पर मोराटोरियम अवधि के दौरान 3% ब्याज अनुदान (Interest Subvention) प्रदान किया जाएगा।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER), सामाजिक समावेशन, डिजिटल इंडिया व लोक कल्याणकारी नीतियां UPSC GS-2 तथा RAS GS-2 व GS-3 का अभिन्न अंग हैं।स्रोत पुष्टि: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार / PIB नई दिल्ली Share - 02 [विज्ञान-प्रौद्योगिकी] · UPSC · RAS · SSCSource: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) / PIB
अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत का ऐतिहासिक कदम: इसरो (ISRO) द्वारा लद्दाख के लेह में देश का पहला 'एनालॉग स्पेस मिशन' (Hab-1) संचालित
Historic leap in space exploration: ISRO operates India's first Analog Space Mission (Hab-1 / HOPE) in Leh, Ladakh
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (HSFC) ने लद्दाख के लेह में भारत के प्रथम मानव एनालॉग अंतरिक्ष मिशन (Analog Space Mission) का संचालन किया।
- लद्दाख की अत्यधिक ऊंचाई (3,000+ मीटर), कम वायुमंडलीय दबाव, शुष्क जलवायु, अत्यधिक ठंड और विकिरण परिस्थितियां चंद्रमा और मंगल ग्रह की प्रारंभिक पर्यावरणीय परिस्थितियों के समतुल्य हैं।
- इस मिशन में 'Hab-1' नामक स्वदेशी इनफ्लेटेबल हैबिटेट मॉड्यूल के भीतर पृथक वातावरण (Isolation), हाइड्रोपोनिक्स आधारित जीवन रक्षक प्रणाली (Life Support) और अंतरिक्ष यात्रियों के मनोवैज्ञानिक अनुकूलन का परीक्षण किया गया।
- यह मिशन भविष्य के 'गगनयान' कार्यक्रम, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS - 2035) और दीर्घकालिक चंद्र अन्वेषण अभियानों हेतु महत्वपूर्ण डेटाबेस तैयार करेगा।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: इसरो की अंतरिक्ष नीतियां, गगनयान मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS), एनालॉग अनुसंधान, उच्च-तुंगता शरीर क्रिया विज्ञान UPSC GS-3 (साइंस-टेक) तथा RAS मुख्य परीक्षा (GS-2 विज्ञान व प्रौद्योगिकी) का कोर टॉपिक है।स्रोत पुष्टि: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) / PIB Share - 03 [पर्यावरण] · UPSC · RASSource: Institute of Town Planners, India (ITPI) / MoHUA
विश्व नगर नियोजन दिवस (World Town Planning Day - 8 नवंबर): सतत शहरीकरण, मास्टर प्लान 2047 एवं स्मार्ट शहर अवधारणा पर मंथन
World Town Planning Day observed on November 8: Focus on sustainable urbanism, climate-resilient cities & Master Plan 2047
- प्रत्येक वर्ष 8 नवंबर को विश्व भर में 'विश्व नगर नियोजन दिवस' (World Urbanism Day) मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1949 में ब्यूनस आयर्स विश्वविद्यालय के प्रो. कार्लोस मारिया डेला पाओलेरा द्वारा की गई थी।
- इस दिवस का मुख्य उद्देश्य तीव्र गति से बढ़ते अनियंत्रित शहरीकरण की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों को स्वास्थ्यप्रद व समावेशी शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है।
- राजस्थान आवासन मंडल (RHB) तथा नगर विकास न्यास/विकास प्राधिकरणों द्वारा जयपुर, जोधपुर, कोटा और एनसीआर क्षेत्र (अलवर) में सतत जल निकासी, ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और हरित पट्टियों के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
- नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2036 तक भारत की 40% से अधिक आबादी शहरों में निवास करेगी, जिसके दृष्टिगत जलवायु-लचीले (Climate-Resilient) शहरों का विकास अनिवार्य है।
परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण: नगरीकरण की प्रवृत्तियां एवं चुनौतियां, झुग्गी-झोपड़ी समस्याएं, अमृत 2.0 (AMRUT), स्मार्ट सिटी मिशन, नगरीय स्थानीय निकाय (74वां संविधान संशोधन) UPSC GS-1/GS-3 और RAS मुख्य परीक्षा (GS-1 समाजशास्त्र व भूगोल) का महत्वपूर्ण अंग हैं।स्रोत पुष्टि: Institute of Town Planners, India (ITPI) / MoHUA Share
8 नवंबर 2026: समसामयिक परिदृश्य एवं मुख्य परीक्षा विशेष विश्लेषण
1. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 (MJSA 2.0) एवं राजस्थान में जल सुरक्षा (RAS GS-1 भूगोल व अर्थव्यवस्था)
राजस्थान देश के कुल भू-भाग का 10.41% हिस्सा रखता है, किंतु देश के उपलब्ध सतही जल संसाधनों का मात्र 1.16% और भूजल संसाधनों का 1.72% ही राज्य में उपलब्ध है। ऐसे विषम भौगोलिक परिदृश्य में जल संरक्षण राज्य की जीवनरेखा है:
- अभियान की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य:
- वर्ष 2016 में प्रारंभ हुए प्रथम चरण की सफलताओं के आधार पर राज्य सरकार ने फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 (MJSA 2.0) का सूत्रपात किया।
- उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना, वर्षा जल की एक-एक बूंद का संचयन करना तथा भूजल स्तर में गुणात्मक सुधार लाना।
- प्रमुख भौतिक लक्ष्य एवं संरचनाएं:
- आगामी 4 वर्षों में राज्य के 20,000 गांवों में 5 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण।
- संरचनाओं में एनीकट (Anicuts), चेकडैम, खेत तलाई (Farm Ponds), मिनी परकोलेशन टैंक (MPT), सब-सरफेस बैरियर तथा सूखे पड़े कुओं व बोरवेलों का भूजल रिचार्ज शाफ्ट में रूपांतरण शामिल है।
- पारंपरिक बनाम आधुनिक तकनीक का समन्वय:
- राजस्थान की पारंपरिक जल संचयन प्रणालियों (जोहड़, नाड़ी, टांका, खड़ीन व बावड़ी) का पुनरुद्धार।
- तकनीकी पारदर्शिता हेतु GIS आधारित मैपिंग और ड्रोन सर्वेक्षण से प्रत्येक संरचना की जियो-टैगिंग (Geo-tagging) अनिवार्य की गई है।
- मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न: “राजस्थान में गिरते भूजल स्तर के संदर्भ में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 की प्रभावशीलता और सामुदायिक जनभागीदारी के महत्व का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।” (100 शब्द / 10 अंक)
2. ‘पीएम-विद्यालक्ष्मी’ योजना: उच्च शिक्षा में वित्तीय समावेशन का नया युग (UPSC GS-2 सामाजिक न्याय व सुशासन)
भारत को ज्ञान आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) बनाने के लिए उच्च शिक्षा तक प्रत्येक मेधावी छात्र की पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिक आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ₹3,600 करोड़ की पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है:
- योजना के मुख्य प्रावधान:
- पात्र संस्थान: देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थान (QHEIs), जिनमें NIRF समग्र रैंकिंग के शीर्ष 100 संस्थान, श्रेणीबद्ध शीर्ष संस्थान तथा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित उत्कृष्ट विश्वविद्यालय शामिल हैं।
- क्रेडिट गारंटी तंत्र: ₹7.5 लाख तक के शिक्षा ऋण पर नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के माध्यम से 75% क्रेडिट गारंटी केंद्र सरकार देगी, जिससे बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति में हिचकिचाहट समाप्त होगी।
- ब्याज अनुदान (Interest Subvention): ₹8 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को ₹10 लाख तक के ऋण पर मोराटोरियम अवधि (अध्ययन काल + 1 वर्ष) के दौरान 3% वार्षिक ब्याज छूट प्रदान की जाएगी।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI):
- संपूर्ण प्रक्रिया ‘पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल’ के माध्यम से पारदर्शी, पेपरलेस और सिंगल-विंडो रखी गई है, जिससे छात्रों को बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- सिविल सेवा प्रासंगिकता: समावेशी विकास, जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का उपयोग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 50% सकल नामांकन अनुपात (GER) लक्ष्य की प्राप्ति।
3. इसरो का एनालॉग स्पेस मिशन: लद्दाख के लेह में भविष्य के अंतरिक्ष उपनिवेश की तैयारी (UPSC GS-3 विज्ञान व प्रौद्योगिकी)
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लद्दाख के लेह में भारत के प्रथम एनालॉग स्पेस मिशन का संचालन देश के अंतरिक्ष विज्ञान की प्रौद्योगिकीय परिपक्वता को दर्शाता है:
- ‘एनालॉग मिशन’ क्या है?
- एनालॉग अंतरिक्ष मिशन पृथ्वी पर ऐसे चरम और पृथक स्थानों पर संचालित किए जाते हैं जिनकी भौतिक, भूवैज्ञानिक और वातावरणीय दशाएं चंद्रमा या मंगल ग्रह के अत्यधिक समीप होती हैं।
- लद्दाख का शीत मरुस्थल (Cold Desert), 3,000+ मीटर की ऊंचाई, निम्न वायुमंडलीय दबाव, तीव्र पराबैंगनी (UV) विकिरण और सीमित वनस्पति इसे अंतरिक्ष सिमुलेशन हेतु वैश्विक स्तर पर आदर्श स्थल बनाते हैं।
- परीक्षण के मुख्य आयाम:
- Hab-1 मॉड्यूल: स्वदेशी इनफ्लेटेबल हैबिटेट (Inflatable Habitat) में नियंत्रित तापमान, दबाव और ऑक्सीजन संतुलन का अध्ययन।
- क्लोज्ड-लूप लाइफ सपोर्ट सिस्टम: अंतरिक्ष यात्रियों हेतु इन-सीटू जल पुनर्चक्रण और हाइड्रोपोनिक्स विधि से ताजी सब्जियों के उत्पादन का प्रायोगिक परीक्षण।
- मनोवैज्ञानिक अनुकूलन: लंबी अंतरिक्ष यात्राओं और एकांतवास (Confinement) में अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक तनाव और निर्णय क्षमता का आकलन।
- दीर्घकालिक प्रभाव: यह शोध भारत के प्रस्तावित मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’, 2035 तक ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (BAS) की स्थापना और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री उतारने के राष्ट्रीय लक्ष्य में मील का पत्थर साबित होगा।